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अधिवक्ता की भूमि पर भू -माफियाओं नें फर्जी बैनामा कराकर कराया दाखिल ख़ारिज*

*अधिवक्ता की भूमि पर भू -माफियाओं नें फर्जी बैनामा कराकर कराया दाखिल ख़ारिज*

*इलाहाबाद एक्सप्रेस*

*तहसील व रजिस्ट्री विभाग में फर्जी बैनामा कराकर दाखिल खारिज का चल रहा है खेल, पीड़ित अधिवक्ता की जिलाधिकारी से जाँच की माँग*

प्रयागराज,2 नवम्बर । सदर तहसील में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है कि राजापुर क्षेत्र के लेखपाल व नायब तहसीलदार की मिली भगत के चलते दीवानी न्यायालय में विचाराधीन एवं स्थगन आदेश के बावजूद करोड़ों की जमीन का मालिकाना हक ही बदल दिया गया। जिसमें सब रजिस्ट्रार कानूनगो जगदेव चौरसिया की भूमिका भी पूरी तरह से संदिग्ध है, जबकि उसी जमीन के वास्तविक मालिक अधिवक्ता के पुत्र पत्रकार अरुण सोनकर की पैरवी की वजह से वर्ष 2008 में *पन्द्रह लाख* की विरोधियों ने हत्या की सुपारी दे दी थी। उस मामले में विरोधियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होने पर जाँच कर तत्कालीन *सीओ सिविल लाइन एस. डी. शुक्ला द्वारा चार्जशीट मा. न्यायालय में प्रेषित है।*

शहर के कैण्ट थानान्तर्गत राजापुर क्षेत्र में नेवादा मोहल्ले के निवासी *अधिवक्ता अनिल कुमार सोनकर के पुत्र अरूण कुमार सोनकर जोकि मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं । इनकी *जमीन का 2005 से दीवानी न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इतना ही नहीं दीवानी न्यायालय द्वारा जमीन में दौरान मुकदमा कोई तब्दीली न की जाए, इसके लिए स्थगन आदेश भी जारी हुआ है। इसके बावजूद सदर तहसील के राजापुर हल्का लेखपाल विनोद कुमार व नायब तहसीलदार अजय कुमार की मिलीभगत से करोड़ों रूपए की जमीन का विरोधियों से मोटी रकम ले करके अवैध तरीके से दाखिल खारिज कर दिया गया। वहां पर तैनात रहे अधिकारियों के आँख में धूल डालकर न्यायालय के आदेश को दर किनार करके किस तरह वास्तविक मालिक को किनारे करके दूसरे लोगों के नाम कर दी गई।जबकि उसी जमीन पर *वास्तविक मालिक आपत्तिकर्ता वर्ष 1986 में जमीन खरीदने के बाद अपने परिवार के साथ उसके कुछ भाग में घर बनवाकर रह रहा है बाकी सारी जमीन को चारों तरफ से बाउंड्री भी करा रखा है,*

मुकदमें के वादी का आरोप है कि तहसील में सक्रिय कुछ ठग सदर तहसील में किसी की भी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री पुरानी तैयार करके नायब व लेखपाल की मिली भगत से दाखिल खारिज करा लेते हैं। जिसकी इनको मोटी रकम मिलती है ऐसे भ्रष्ट नायब सदर को पदोन्नति देकर रायबरेली भेजा जा रहा है जानें से पहले इसी बड़े काम को अवैध तरीके से अंजाम देने के लिए था । उस फर्जी रजिस्ट्री पन्नालाल बनाम छोटेलाल की जाँच कराई जाय तो निश्चित ही बड़ा चौंकानें वाले राज का खुलासा होगा । जिसमें जमीन के असली खरीदार द्वारा आपत्ति भी लगाई गई है । उक्त भूमि का प्रकरण जनपद न्यायालय में मुकदमा संख्या 23मई/2005 असली खरीदार नें दाखिल कर स्थगनादेश भी ले रखा है।

न्यायालय के आदेशानुसार उक्त भूमि को दौरान मुकदमा खरीदना व बेचना मना है । इसके बावजूद स्व.छोटेलाल,के भाई स्व.हरिलाल पुत्र अनिल यादव उर्फ खूँटी पहलवान जोकि अपराधी प्रवृत्ति का व भू – माफिया है। शहर के नामचीन भू माफियाओं, अपराधियों के साथ घूमता है उसके खिलाफ कैण्ट थाने में कई संगीन धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत है।उसके द्वारा *उक्त जमीन की कई अलग – अलग लोगों से ठगी करके फर्जी रजिस्ट्री* भी की गई है, जो वास्तविक जमीन मालिक के आपत्ति पर खारिज भी हुई हैं । इसके बावजूद सुनियोजित तरीके से काफी पुराना फर्जी कागज किसी पन्नालाल जो सेवसा गाँव तहसील मंझनपुर जिला कौशाम्बी का रहने वाला दर्शाया गया है, के नाम से तैयार कर राजापुर क्षेत्र का लेखपाल विनोद कुमार व नायब तहसीलदार सदर प्रयागराज अजय कुमार की मिली भगत से लाखों रुपए लेकर करोड़ों की जमीन को फर्जी बैनामे पर साजिश के तहत बिना आपत्तिकर्ता के पक्ष को सुने जालसाजों के पक्ष में ऑर्डर कर दिया है।

पीड़ित की माँग है कि *जिलाधिकारी प्रयागराज, सदर तहसील/रजिस्ट्री विभाग में जाँच कराएं तो ऐसे बहुत से चौंकने वाले खुलासे हो सकते हैं। अनेकों फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा हो सकता है। *रजिस्ट्री विभाग में फर्जीवाड़ा* हुआ है।क्योंकि *अपराधी खूँटी पहलवान के ही परिवार नें फर्जी बैनामा व दाखिल ख़ारिज होनें की जानकारी मिलने पर इसके खिलाफ स्व. रामप्रसाद के पुत्र फूलचन्द्र व ननकऊ नें उपजिलाधिकारी सदर के यहाँ अपील दाखिल की है, उसी परिवार के अन्य तीन लोग पूरन यादव पुत्र स्व. रामप्रसाद, सुखराम यादव पुत्र स्व. छोटेलाल व नन्दलाल पुत्र स्व. हरिलाल नें तहसीलदार सदर के यहाँ रेस्टोरेशन भी दाखिल किया है* जिसमें अग्रिम कार्यवाही हेतु तारीख लगी है,

दीवानी न्यायालय में विचाराधीन जमीन को लेकर पीड़ित के पुत्र मान्यता प्राप्त पत्रकार अरूण कुमार सोनकर की हत्या करने की *पन्द्रह लाख की सुपारी वर्ष 2008* में दी गई थी। आज भी पत्रकार को जान का खतरा बना रहता है क्योंकि छुटभैये से लेकर जिले का कोई भी भू- माफिया अपराधी बचा नहीं है जिसने जमीन को अवैध तरीके से हथियाने के लिए पुरजोर कोशिश न की हो डराया धमकाया न हो, आज भी दबाव बनाने के लिए बराबर मानसिक प्रतारणाएँ दी जा रही है …?

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